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Income Tax Chhout Ka Dayara Bada Sakti Hai Sarkar...
अगले संसदीय सत्र में नई सरकार कारोबारी साल 2009-10 का बजट पेश करेगी। ये बजट मिडिल-क्लास को खुश कर सकता है। खबर है कि यूपीए सरकार1.50 लाख रुपए की मौजूदा टैक्स एग्ज़म्पशन लिमिट को बढ़ाकर 1.75 लाख-2.0 लाख रुपए कर सकती है।
इतना ही नहीं, प्रत्यक्ष कर(डायरेक्ट टैक्स) सेगमंट में और भी कई बदलाव की गुंजाइश है। मसलन, फ्रिंज बेनिफिट टैक्स को खत्म किया जा सकता है। और अगर सरकार एग्ज़म्पशन लिमिट बढ़ाने और एफबीटी को खत्म करने का फैसला लेती है तो सरकारी खजाने को 10,000 करोड़ रुपये का चूना लगेगा। वित्त मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि इन दोनों ही मुद्दों पर विचार किया जा रहा है। टैक्स एग्ज़म्पशन लिमिट को बढ़ाने और एफबीटी को खत्म करने का फैसला मिडिल क्लास के लिए एक और स्टिमुलस का काम करेगा क्योंकि जनता के हाथ में ज़्यादा पैसा रहेगा। वो भी तब जब सरकार पहले ही 6ठें पे कमीशन के 60% एरिअर्स भी रिलीज़ करने वाली है। कॉमर्स मिनिस्ट्री भी एफबीटी हटाने के पक्ष में है। इसके अलावा, मिनिस्ट्री इंटरेस्ट रेट सब्सिडी को बनाए रखने के पक्ष में है और उसे 2 परसेंट से बढ़ाकर 4 परसेंट करना चाहती है। वित्त मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि एक्साइज़ ड्यूटी, कस्टम ड्यूटी और सर्विस टैक्स में अब किसी तरह की कटौती की गंजाइश नहीं रह गई है क्योंकि पहले ही अप्रत्यक्ष कर का कलेक्शन पिछले कारोबारी साल में नेगेटिव हो गया था। सरकार के लिए ये जरूरी है कि वो विकास और सामाजिक कार्यक्रमों के के लिए रेवेन्यू का बंदोबस्त रखे, ऐसे में अप्रत्यक्ष कर दरों में बदलाव अब उचित नहीं। उधर, इंडस्ट्री चैंबंर्स एक्सपोर्ट-ओरिएं& #2335;ेड यूनिट्स के लिए टैक्स-सॉप्स की मांग कर रहा है। और कॉमर्स मिनिस्ट्री इस मांग का सपोर्ट कर रही है। वित्त मंत्रालय को दिए अपने प्रस्ताव में कॉमर्स मिनिस्ट्री ने सरकार से मांग की है कि वो बजट में ऐसे उपायों को जगह दे जिससे निवेश को प्रोत्साहन मिले और साथ ही मांग भी बढ़े। Source: Navbharat Times इनकम टैक्स छूट का दायरा बढ़ा सकती है सरकार By ugesh sarkar, Section News Posted on Wed May 20, 2009 at 11:55:22 PM EST
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